आईओक्यूएम 2025: गणितीय प्रतिभा का परचम—वीवीसीपी के विद्यार्थियों ने रचा गौरवशाली इतिहास

    आईओक्यूएम

    आज आईओक्यूएम (इंडियन ओलंपियाड क्वालीफाइंग एक्जामिनेशन इन मैथेमेटिक्स) के इंडिया कटऑफ एवं रीजनल कटऑफ के अंतर्गत टॉप 10% का प्रमाणपत्र जारी किए गए। इस अत्यंत प्रतिष्ठित उपलब्धि में विद्या विहार करियर प्लस के दो मेधावी विद्यार्थियों अनुराग शंकर एवं आर्यन राज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए यह सम्मान अर्जित किया और संस्थान का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।

    वीवीआरएस के सचिव राजेश चंद्र मिश्रा ने गर्व के साथ बताया कि अनुराग शंकर एवं आर्यन राज दोनों ही वीवीसीपी एवं वीवीआरएस के संयुक्त सिंक्रो प्रोग्राम के विद्यार्थी हैं। यह उपलब्धि इस कार्यक्रम की शैक्षणिक उत्कृष्टता, समन्वित शिक्षण मॉडल और प्रतिभा-संवर्धन की मजबूत नींव को प्रमाणित करती है।

    वीवीसीपी के निदेशक प्रशांत शंकर ने इस ऐतिहासिक सफलता पर विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन गणितीय परीक्षाओं में से एक है जिसका आयोजन मैथेमेटिक्स टीचर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन एवं टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के सहयोग से किया जाता है। यह परीक्षा छात्रों की गहन वैचारिक समझ, तार्किक क्षमता और उच्च स्तरीय समस्या-समाधान कौशल की सच्ची परीक्षा होती है। उन्होंने कहा कि अनुराग और आर्यन की यह सफलता उनकी अथक मेहनत, अनुशासन, निरंतर अभ्यास तथा वीवीसीपी की सशक्त अकादमिक मार्गदर्शन प्रणाली का प्रतिफल है।
    इस गौरवपूर्ण अवसर पर वीवीआरएस के प्राचार्य निखिल रंजन एवं निदेशक आर. के. पॉल ने भी गहरी प्रसन्नता व्यक्त की और दोनों विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियाँ न केवल विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को सुदृढ़ करती हैं, बल्कि अन्य छात्रों को भी उच्च लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करती हैं।

    यह उपलब्धि वीवीसीपी एवं वीवीआरएस परिवार के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का क्षण है, जो संस्थान की शैक्षणिक प्रतिबद्धता, गुणवत्ता-पूर्ण मार्गदर्शन और उत्कृष्ट परिणामों की परंपरा को और अधिक सुदृढ़ करती है।