CBSE Class 12 Result 2026: DPS Bokaro के Aditya Mishra बने साइंस स्ट्रीम के संयुक्त नेशनल टॉपर, Re-evaluation के बाद 99.60% अंक

    DPS BOKARO

    CBSE Class 12 Result 2026 में DPS Bokaro के Aditya Mishra ने Re-evaluation के बाद 99.60% अंक हासिल कर साइंस स्ट्रीम में संयुक्त राष्ट्रीय टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया। जानिए उनकी सफलता की पूरी कहानी।

    सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं में दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो के विद्यार्थियों ने इस बार रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए एक और नया इतिहास रच दिया है। विद्यालय के होनहार और मेधावी विद्यार्थी आदित्य मिश्रा अब 12वीं बोर्ड की मुख्य परीक्षा में साइंस स्ट्रीम के संयुक्त नेशनल टॉपर बन चुके हैं। अब तक विज्ञान संकाय में झारखंड स्टेट टॉपर रहे आदित्य का पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के उपरांत कुल प्राप्तांक 99.20 प्रतिशत से बढ़कर 99.60 प्रतिशत हो गया।

    आदित्य ने विगत 13 मई, 2026 को घोषित परीक्षा-परिणाम में अपने बायोलॉजी के रिजल्ट पर असंतोष व्यक्त करते हुए बोर्ड की मूल्यांकन प्रणाली को चुनौती दी थी। उन्होंने री-इवैल्यूएशन के लिए सीबीएसई को आधिकारिक रूप से आवेदन किया, जिसका परिणाम छात्र की अपेक्षा के अनुरूप और सुखद रहा।

    पुनर्मूल्यांकन में आदित्य के बायोलॉजी के मार्क्स अब 96 से बढ़कर 99 हो गए। इसके साथ ही अब वह कानपुर की छात्रा सोनाक्षी गोयल के साथ संयुक्त रूप से विज्ञान संकाय के नेशनल टॉपर हो गए। अब इन दोनों विद्यार्थियों के कुल प्राप्तांक 99.60 प्रतिशत हैं।

    विदित हो कि आदित्य ने तीन विषयों – इंग्लिश कोर, केमिस्ट्री और पेंटिंग में 100 में 100 अंक हासिल किए हैं। जबकि, फिजिक्स में उन्हें 99 अंक मिले। उक्त विषयों के अलावा अन्य सभी में उन्होंने ए1 ग्रेडिंग अर्जित की है।

    इस ऐतिहासिक प्रदर्शन पर डीपीएस बोकारो परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। सोमवार को विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने आदित्य को उनके पिता प्रजेश चन्द्र मिश्रा के साथ सम्मानित किया। प्राचार्य ने उन्हें माला पहनाई और मिठाई खिलाकर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना व्यक्त की।

    डॉ. गंगवार ने आदित्य की इस उपलब्धि को न केवल विद्यालय, बल्कि पूरे बोकारो और समस्त झारखंड प्रदेश के लिए अत्यंत ही गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आदित्य शुरू से ही प्रतिभावान छात्र रहा है और अपनी मेधाविता, लगन व परिश्रम की बदौलत विद्यालय के कुशल शिक्षकों के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय मानचित्र पर उसने डीपीएस बोकारो का परचम लहराया है।

    इस मौके पर विद्यालय के वरीय उपप्राचार्य अंजनी भूषण व उपप्राचार्या शालिनी शर्मा सहित अन्य शिक्षकगण मौजूद रहे।


    सफल डॉक्टर बन मानवता की सेवा करना चाहता है साइंस टॉपर आदित्य

    99.60 फीसदी अंक लाकर डीपीएस बोकारो का झंडा राष्ट्रीय पटल पर बुलंद करने वाले सीबीएसई 12वीं बोर्ड के संयुक्त साइंस टॉपर आदित्य मिश्रा की हार्दिक इच्छा आगे चलकर एक सफल चिकित्सक बन मानवता की सेवा करने की है।

    सेल की रिफ्रैक्टरी यूनिट (एसआरयू) में मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) प्रजेश चन्द्र मिश्रा एवं गृहिणी सस्मिता मिश्रा का होनहार पुत्र आदित्य शुरू से ही मेधावी छात्र रहा है। पुनर्मूल्यांकन के बाद उसके कुल प्राप्तांक अब 500 में 498 अंक हो चुके हैं।

    एक सवाल के जवाब में आदित्य ने कहा कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए वह रोजाना लगभग छह घंटे पढ़ाई किया करता था। अपनी कामयाबी का श्रेय उसने अपने माता-पिता व परिजनों के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है।

    आदित्य को 10वीं में कुल 96.8 प्रतिशत अंक मिले थे। डीपीएस बोकारो में उसने शुरू से ही पढ़ाई की है और हमेशा ही अपनी मेधाविता का परिचय दिया है। हालांकि, इस साल नीट की परीक्षा रद्द होने पर वह काफी दुःखी था और रविवार को दोबारा री-नीट की परीक्षा दी।

    DPS Bokaro में जश्न का माहौल

    इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद DPS Bokaro परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। विद्यालय में आयोजित विशेष सम्मान समारोह में प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने आदित्य मिश्रा और उनके पिता प्रजेश चन्द्र मिश्रा को सम्मानित किया।

    प्राचार्य ने कहा कि आदित्य की सफलता पूरे विद्यालय, बोकारो और झारखंड के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि आदित्य शुरू से ही एक मेधावी, अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित छात्र रहे हैं। उनकी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि दिलाई है।

    विद्यालय के वरीय उपप्राचार्य अंजनी भूषण, उपप्राचार्या शालिनी शर्मा तथा अन्य शिक्षकों ने भी आदित्य को बधाई दी।

    डॉक्टर बनकर मानवता की सेवा करना चाहते हैं आदित्य

    आदित्य मिश्रा का सपना भविष्य में एक सफल डॉक्टर बनकर समाज और मानवता की सेवा करना है।

    उनके पिता प्रजेश चन्द्र मिश्रा सेल (SAIL) की रिफ्रैक्टरी यूनिट में मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता सस्मिता मिश्रा गृहिणी हैं।

    आदित्य बताते हैं कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी के दौरान वे प्रतिदिन लगभग 6 घंटे नियमित अध्ययन करते थे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सदस्यों को दिया।

    कोरोना काल बना सफलता का टर्निंग पॉइंट

    आदित्य के अनुसार कोविड-19 महामारी के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई ने उनकी शैक्षणिक प्रगति को प्रभावित किया था। उस दौरान परिणामों में गिरावट देखने के बाद उन्होंने स्वयं को अनुशासित किया और पढ़ाई में निरंतरता लाने का निर्णय लिया।

    उन्होंने कहा कि वही समय उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। लगातार मेहनत, समय प्रबंधन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने उन्हें देश के शीर्ष विद्यार्थियों की सूची में पहुंचा दिया।

    Olympiad और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी चमक चुका है आदित्य का नाम

    बोर्ड परीक्षा के अलावा आदित्य मिश्रा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं।

    प्रमुख उपलब्धियां

    • NSEJS 2022 में झारखंड से एकमात्र सफल छात्र
    • SOF National Science Olympiad में Zonal Rank 1
    • Olympiad Rank 1 सम्मान
    • Academic Excellence Scholarship प्राप्तकर्ता
    • Best Olympiad Winner Award
    • Cryptic Crossword Competition में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान
    • IAPT की National Standard Examination in Biology (NSEB) में सफलता
    • विभिन्न राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन

    खेलों में भी रखते हैं रुचि

    पढ़ाई के साथ-साथ आदित्य खेलों में भी सक्रिय रहते हैं। उन्हें फुटबॉल और कबड्डी खेलना बेहद पसंद है। उनका मानना है कि खेल मानसिक संतुलन बनाए रखने और एकाग्रता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    NEET परीक्षा को लेकर भी दिखाई दृढ़ता

    इस वर्ष NEET परीक्षा रद्द होने की खबर से आदित्य निराश हुए थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने पुनः आयोजित परीक्षा में हिस्सा लेकर अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई।

    उनका कहना है कि जीवन में चुनौतियां आती रहती हैं, लेकिन सफलता उन्हीं को मिलती है जो परिस्थितियों से लड़कर आगे बढ़ते हैं।

    झारखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

    आदित्य मिश्रा की यह उपलब्धि झारखंड के शिक्षा इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। एक साधारण विद्यार्थी से राष्ट्रीय टॉपर बनने तक का उनका सफर लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

    उनकी सफलता यह संदेश देती है कि सही दिशा, निरंतर मेहनत, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च सफलता हासिल कर सकता है।

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