BRIDGEFORD SCHOOL ,TUPUDANA में इंटर हाउस पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का सफल आयोजन

रांची के BRIDGEFORD SCHOOL ,TUPUDANA में आयोजित इंटर हाउस पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में छात्रों ने जल संकट, शांति और मानवता जैसे विषयों पर रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया।
ब्रिजफोर्ड स्कूल में इंटर हाउस पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन
रंगों के माध्यम से विद्यार्थियों ने व्यक्त की सामाजिक संवेदनाएं, कक्षा IX–X के लिए विषय “यदि कल पानी समाप्त हो जाए तो क्या होगा?” रखा गया, जबकि कक्षा XI–XII के लिए “युद्ध बनाम शांति: मानवता दांव पर” विषय निर्धारित किया गया।
रांची: ब्रिजफोर्ड स्कूल तुपुदाना में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इंटर हाउस पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कक्षा IX से XII तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न सामाजिक विषयों पर अपनी कल्पनाशक्ति का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता को दो वर्गों में विभाजित किया गया। कक्षा IX–X के लिए विषय “यदि कल पानी समाप्त हो जाए तो क्या होगा?” रखा गया, जबकि कक्षा XI–XII के लिए “युद्ध बनाम शांति: मानवता दांव पर” विषय निर्धारित किया गया। विद्यार्थियों ने इन विषयों पर गहन सोच के साथ अपने विचारों को पोस्टरों के माध्यम से प्रस्तुत किया। उनके कार्यों में जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, शांति, मानवीय मूल्यों और वैश्विक जिम्मेदारियों जैसे मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से उकेरा गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षिका श्रेया सेनगुप्ता एवं सेक्शन इंचार्ज सुपर्णा बनर्जी के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के टॉरिन्स द्वारा प्रस्तुत संगीतमय कार्यक्रम ने पूरे वातावरण को और भी जीवंत बना दिया।
विद्यालय की वाइस चेयरपर्सन प्रियंका जालान ने अपने संदेश में कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशक्ति, रचनात्मकता और सामाजिक संवेदनशीलता को व्यक्त करने का सशक्त मंच प्रदान करती हैं। वहीं, प्राचार्य मुनीष दुबे ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि पोस्टर निर्माण के माध्यम से विद्यार्थी न केवल अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं, बल्कि प्रभावी संप्रेषण की कला भी सीखते हैं।
अंत में विद्यालय परिवार द्वारा सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए सीखने, सोचने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने का एक प्रेरणादायक माध्यम साबित हुई।
