NEET में 100 करोड़ की ठगी करने वाला एडमिशन माफिया लखनऊ में गिरफ्तार

लखनऊ पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों को निशाना बनाकर किए जा रहे बड़े NEET-Admission Fraud Racket का पर्दाफाश किया है। लगभग 100 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले दो मास्टरमाइंड—अभिनव शर्मा और संतोष कुमार—को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपी फर्जी एडमिशन कंसल्टेंसी चलाकर मेडिकल, इंजीनियरिंग और फार्मेसी कोर्स में सीट दिलाने का झांसा देते थे।
🚨 कैसे चलता था 100 करोड़ का एडमिशन रैकेट?
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के नाम से फर्जी कंसल्टेंसी खड़ी की थी।
वे सोशल मीडिया, ऑनलाइन विज्ञापनों और फोन कॉल्स के जरिए कमजोर मेरिट वाले छात्रों को टारगेट करते थे—खासकर वे NEET कैंडिडेट जिन्हें काउंसलिंग में सीट नहीं मिल पाती।
ठगी का पूरा ‘मॉडल’ कुछ ऐसे चलता था—
छात्रों और अभिभावकों को कम रैंक पर भी MBBS सीट दिलाने का भरोसा
ऑफिस में बुलाकर फर्जी रसीदें और डॉक्यूमेंट दिखाकर विश्वास दिलाना
डिमांड ड्राफ्ट, ऑनलाइन ट्रांसफर और कैश से रकम वसूलना
एडमिशन डेट आने पर सारा स्टाफ और नंबर गायब
👮♂️ गिरफ्तार मास्टरमाइंड कौन हैं?
1️⃣ अभिनव शर्मा
मूल निवासी: औरंगाबाद, बिहार
शिक्षा: B.Tech (Mechanical)
लाइफस्टाइल:
70,000 रुपये महीना किराया वाला लखनऊ के चिनहट स्थित पेंटहाउस
50 कर्मचारियों वाली कंसल्टेंसी
ठगी के पैसों से 6 देशों—सऊदी, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, थाईलैंड, स्विट्जरलैंड की विदेश यात्राएँ
2️⃣ संतोष कुमार
मूल निवासी: समस्तीपुर, बिहार
शिक्षा: 12वीं पास
आरोप: कॉलिंग, काउंसलिंग और अभिभावकों से सीधे पैसे लेने में शामिल
💸 पीड़ितों की दर्दनाक कहानी
सैकड़ों अभिभावक ठगी का शिकार हुए, लेकिन कुछ मामलों में राशि करोड़ों तक पहुंच गई—
विजय बहादुर:
28 जुलाई 2025 को 15 लाख
2 अक्टूबर 2025 को 30 लाख
कुल भुगतान: 45 लाख, रसीद ₹55 लाख की
बाद में अतिरिक्त 10 लाख और मांगे गए
रिजल्ट डेट पर सभी नंबर बंद
अन्य पीड़ित:
राजेश वर्मा: 20 लाख
दीप सिंह: 38 लाख
प्रीति सिंह: 23 लाख
कई अभिभावकों ने बताया कि ठगों का ऑफिस देखकर उन्हें पूरा भरोसा हो गया था—एसी रूम, रिसेप्शन, स्टाफ, कंप्यूटर, काउंसलर… सब कुछ असली जैसा!
🚓 लखनऊ पुलिस की बड़ी कार्रवाई
साइबर क्राइम थाना की टीम ने छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
उनके पास से बरामद हुए—
बड़ी रकम
फर्जी रसीदें
सैकड़ों छात्रों का डेटा
विदेश यात्रा के कागजात
फर्जी एडमिशन लेटर
पुलिस अब रैकेट में शामिल अन्य लोगों और पैसे के ट्रेल की जांच कर रही है।
⭐ निष्कर्ष
यह मामला देशभर में फैले एडमिशन माफिया की गंभीर समस्या को उजागर करता है—जहां मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की कम रैंक और अभिभावकों की मजबूरी का फायदा उठाकर करोड़ों की ठगी की जा रही है।
लखनऊ पुलिस की यह कार्रवाई कई परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनी है।
