‘एनटीए उपलब्ध कराने में विफल रहा…’: एमपी हाईकोर्ट ने परीक्षा केंद्र पर बिजली की विफलता को लेकर NEET 2025 के परिणामों पर लगाई रोक
भोपाल, 16 मई 2025 — नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) 2025 को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय (MP High Court) ने परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र पर बिजली की विफलता को गंभीर मानते हुए NEET 2025 के परिणामों पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है।
⚡ क्या है मामला?
यह याचिका नीमच जिले के एक परीक्षा केंद्र से संबंधित है, जहां छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान बिजली गुल हो गई, जिससे वे तय समय में प्रश्नपत्र हल नहीं कर पाए। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि तकनीकी गड़बड़ी के चलते न केवल समय बर्बाद हुआ, बल्कि मानसिक तनाव के कारण प्रदर्शन पर भी असर पड़ा।
⚖️ अदालत ने क्या कहा?
मामले की सुनवाई करते हुए एमपी हाईकोर्ट ने कहा:
“नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) परीक्षा केंद्रों पर उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही। एक अत्यंत प्रतिस्पर्धी परीक्षा में इस तरह की लापरवाही छात्र हितों के खिलाफ है। जब परीक्षा में हर अंक मायने रखता है, तो इस तरह की तकनीकी समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”
न्यायालय ने कहा कि जब तक इस मामले की पूरी जांच नहीं हो जाती और प्रभावित छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, NEET 2025 के परिणाम जारी नहीं किए जाएंगे।
अगली सुनवाई कब?
कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 24 मई 2025 निर्धारित की है। तब तक के लिए NTA को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब देने का निर्देश दिया गया है, जिसमें यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि:
परीक्षा केंद्रों पर क्या व्यवस्था की गई थी?
बिजली की विफलता की स्थिति में क्या बैकअप योजना थी?
प्रभावित छात्रों को कैसे राहत दी जाएगी?
NTA की प्रतिक्रिया
NTA ने अब तक इस आदेश पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, एजेंसी जल्द ही एक विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश करेगी।
छात्र क्या कह रहे हैं?
परीक्षा में शामिल कुछ छात्रों ने कोर्ट के फैसले को “उम्मीद की किरण” बताया है। एक परीक्षार्थी ने कहा:
“हमने पूरे साल मेहनत की, लेकिन 5-10 मिनट की लापरवाही से हमारा भविष्य अधर में लटक गया। कोर्ट ने हमारी आवाज सुनी, इसके लिए हम आभारी हैं।”
निष्कर्ष
NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी या अव्यवस्था किसी भी छात्र के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का यह फैसला यह स्पष्ट संदेश देता है कि परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोपरि है।
अब सभी की नजरें 24 मई की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि आगे NEET 2025 के परिणामों की दिशा क्या होगी।
