NEET PG : SC, ST, OBC कैटेगरी में -40 लाने वाले भी एमडी-एमएस कर सकेंगे

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    हाल ही में NEET‑PG 2025 की कट‑ऑफ में सरकार और नेशनल बोर्ड ऑफ़ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेस (NBEMS) ने बड़ा संशोधन किया है। इसका असर SC, ST और OBC कैटेगरी के उम्मीदवारों पर खास तौर से पड़ा है।

    📌 मुख्य अपडेट

    • SC, ST और OBC कैटेगरी के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल को 40वें से घटाकर 0 पर्सेंटाइल कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि 800 में –40 तक के स्कोर करने वाले उम्मीदवार भी अब MD/MS की काउंसलिंग में भाग ले सकते हैं

    • पहले यह न्यूनतम कट‑ऑफ लगभग 235 मार्क्स (40th percentile) थी।

    • जनरल कैटेगरी के लिए पर्सेंटाइल 50 से घटाकर 7वें पर्सेंटाइल कर दी गई है (करीब 103 मार्क्स)।

    • जनरल PwBD के लिए यह अब 5वें पर्सेंटाइल (लगभग 90 मार्क्स) है।

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    🎯 क्या इसका मतलब है डॉक्टर बनना आसान?

    नहीं — केवल न्यूनतम योग्यता कम हुई है। इसका मतलब यह किसी को सीट मिल जाएगी ऐसा ज़रूरी नहीं है। काउंसलिंग में सीटें NEET PG रैंक के आधार पर ही मिलेंगी

    🏥 इस बदलाव के कारण

    • देश भर में लगभग 18,000 पोस्ट‑ग्रेजुएट मेडिकल सीटें खाली रह गई थीं, विशेषकर दूसरे राउंड काउंसलिंग के बाद।

    • सरकार का मानना है कि कट‑ऑफ कम करने से अधिक उम्मीदवार काउंसलिंग में हिस्सा लेकर खाली सीटों को भर सकेंगे।

    ⚠️ बहस और प्रतिक्रियाएँ

    इस फैसले पर चिकित्सा समुदाय और सोशल मीडिया पर तेज़ बहस छिड़ी है। कुछ डॉक्टर संगठन और यूज़र्स का कहना है कि इस तरह का निर्णय मेरिट और मानकों को कमजोर कर सकता है, क्योंकि नकारात्मक या बहुत कम अंक वाले उम्मीदवार भी पात्रता प्राप्त कर सकेंगे।